मित्र कहो तो
हम साथ हो ले
मुझे स्कूल छोडते जाना
मित्र अचकचाये
कुछ सोचा तो बोले
रास्ते रूकूगा
थोड़ा काम याद आया हैं
टाइम लेगा
तुम ड्यूटी अपनी
समय पर जा न सकोगे
मेरे तो चलता हैं
हैड मास्टर डरता हैं
एम एल ए अपने हैं
मैं विवस
शायद आज
अवकाश कटेगा
माफ करना
लैट वैसे ही था
रात भर जागा हूँ
पुत्री का प्रसव
ऑपरेशन कराना पड़ा
निन्द कहां ले पाया
बस चूका हूँ
छुट्टी अर्जी वही लिखी
मित्र से बोला
इसे तो ले जाओ
स्कूल जाते बच्चे को
स्कूल बाहर से ही
पकड़ा देना
अनमने से हाथ बढ़ा उनका
किक स्कूटर दे रवाना हुए
मित्र सरकारी शिक्षक हैं
ड्यूटी जाते हैं
मेरी स्कूल से थोड़ी दूर
उसी रूट ड्यूटी हैं
निजी काम निपटाये बिना
स्कूल कैसे जाये
अब हो क्या
पहुँच वाले
फिर सरकारी नौकरी हैं ।
छगनलाल गर्ग।
हम साथ हो ले
मुझे स्कूल छोडते जाना
मित्र अचकचाये
कुछ सोचा तो बोले
रास्ते रूकूगा
थोड़ा काम याद आया हैं
टाइम लेगा
तुम ड्यूटी अपनी
समय पर जा न सकोगे
मेरे तो चलता हैं
हैड मास्टर डरता हैं
एम एल ए अपने हैं
मैं विवस
शायद आज
अवकाश कटेगा
माफ करना
लैट वैसे ही था
रात भर जागा हूँ
पुत्री का प्रसव
ऑपरेशन कराना पड़ा
निन्द कहां ले पाया
बस चूका हूँ
छुट्टी अर्जी वही लिखी
मित्र से बोला
इसे तो ले जाओ
स्कूल जाते बच्चे को
स्कूल बाहर से ही
पकड़ा देना
अनमने से हाथ बढ़ा उनका
किक स्कूटर दे रवाना हुए
मित्र सरकारी शिक्षक हैं
ड्यूटी जाते हैं
मेरी स्कूल से थोड़ी दूर
उसी रूट ड्यूटी हैं
निजी काम निपटाये बिना
स्कूल कैसे जाये
अब हो क्या
पहुँच वाले
फिर सरकारी नौकरी हैं ।
छगनलाल गर्ग।
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